Monday, September 16, 2013

नया समाज के बदलल विचार

आस निराश मे आपन समाज आज बेहाल बा,पर नया युग के साथ साथ चल रहल आपन नौजवान भाई लोग के बहुत बड़ा उपकार ह की आज भोजपुरीया समाज के कुछ हद तक,इज्जत बढ़ल बा, आज बीहार के आगे लावे में सबसे बड़ा हाथ कउनो नेता मंत्री के ना,हमार समाज के नया होनहार लइका लोग के बा,जे आजकल के परीवेश मे उहे आधार पर चल रहल बारे जइसन एह वक्त जिये ला उपयुक्त माहौल बा,आजकल के पढ़ल लीखल लइका जहां तम्बाकु,बीड़ी,सीगरेट,शराब से तौबा कर रहल बा,लागत ह जइसें जन्म के बैर ह नशा से,हमनी के युग मे दसवी क्लास के लइका में जहां28%तम्बाकु (खैनी) खाय वाला लोग रहे उ आज सर्वे में6% रह गइल बा, इ एक तरह से बहुत ही बढ़िया सोच उभर के आइल बा लोग के सामनें,अगर रउआ छोट मोट शहर के बजार छोड़ दी त दारु पीये वाला में भी भारी कमी आइल बा,एहसे सरकार के बहुत नुकसान हो रहल बा,लेकीन फायदा हमनी के आपन समाज के बहुत भइल बा, पर हमनी के हार में ही हमनी के समाज आ संसकार के हार बा ,इ बात आज कल के युवा लोग बहुत अच्छा तरहसे जान गइल बारें,आ फेर से सभ्य समाज के वापसी ला लोग हमेशा हर छेत्र मे प्रयास कर रहल बारें,,,
अब हमनी के कुछो सोचें ना परी
लोग आहें बढीहे देह केतनो जरी,
जेहरी के धन बहुत लुटइले बानी
अब चुल्हा भी आपन शान से जली,
सरकार के सहयोग ना मीले त का
हमनी के दुआर पर ढिबरीयो ना जरी.?

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