कुछ कहें से पहीले हम बतावे चाहत बानी आपन परिचय के बारें मे,हम बीहार छपरा जीला के दिघवारा प्रान्त के नजदीक गाँव मोहन कोठीयाँ के रहे वाला बानी,गाँव के बहुत ही गरीब अवस्था मे हमार बचपन गुजरल बा,लपटउआ रोटी लेहके स्कुल के तरफ रवाना होत रही स, सब दोस्तन लोग खाते खाते स्कुल के ओर रवाना हो जात रही,स्कुल के फीस दस रुपया रहे जेहके परीवार वालन के उठावे में बहुत दिक्कत होत रहे, आ होए भी त काहे ना दुसर कोई भी रास्ता ना रहे पइसा पास मे आवेके,दादाजी के कमाई रहे जेहसे छोट परीवार हमार बहुत ही पइसा के किल्लत सें,खुशी पुर्वक चलत रहे, भगवान के दया ह की आजकल हम उ जमाना से उबर गइल बानी,आजकल शहर के जीवन मे आपन काम काज में लागल बानी,जेहसे घर परीवार खुशहाल बा हमार मेल आई डी ,,mohankothiyan@gmail.com फेसबुक के एगो हमार पेज बा आपन घर दुआर- जेहसे हम प्रयास करीला बाह परदेश मे बसल लोग के एक जुट करेके,हम त इ मानीले बीहार के झुठ मुठ के बदनाम कइल जाला,जबकी बीहार मे अभी आउर कउनो प्रान्त से संसकार,सुविचार बहुत बडीया बा,हा कुछ लोग के पास पइसा के अभाव बा जेहके उ लोग मेहनत से दुर करे खातीर दिन रात लागल बा लोग.
दुख के हरे वाला भगवान कब खुश होइहें, ,इ एगो सवाल हर वक्त हमार दील मे बसेला,बाकी भागवान के एहमें कउनो दोश कइसे लगाई जब सारा अवगुण के खान हमार आपन समाज ही बा,

No comments:
Post a Comment